किताब और स्टेशनरी की दुकान का हिसाब, क्लास की सूची से पेंसिल बॉक्स तक
एक ही किताब कई भाषाओं में, स्कूल का ऑर्डर और पुरानी किताबों की अलमारी, सब एक फ़ोन पर।

पाठ्यपुस्तकों, कॉपियों और पेनों की अलमारियों के औज़ार
कम स्टॉक की चेतावनी
जिस पाठ्यपुस्तक की आख़िरी प्रतियाँ स्कूल खुलने से पहले के हफ़्ते में जाने लगें, उसकी चेतावनी तब मिलती है जब ऑर्डर देने का वक़्त बाक़ी हो। कॉपियाँ दो-चार करके जाती हैं और धीरे-धीरे घटती हैं। क्लास की पाठ्यपुस्तक एक दोपहर में निकल जाती है, क्योंकि उस क्लास के हर अभिभावक को वही एक चाहिए।
सप्लायर को ऑर्डर
हर प्रकाशक के डिस्ट्रीब्यूटर को अपना ऑर्डर, स्कूल की सूचियाँ आने के साथ लिखा हुआ, और कार्टन आएँ तो उन पर निशान लगाते जाइए।
दूसरे व्यापारियों को बेचें
कोई स्कूल या ट्यूशन क्लास पूरी क्लास की किताबें एक साथ उधार पर माँगता है, और उसका बिल अभिभावकों की पर्चियों में नहीं मिलता, उसके अपने पन्ने पर रहता है।

स्कूल खुलने का पहला हफ़्ता और पुरानी किताबों की अलमारी, दुकान कैसे सँभाले
ग्लोब, नक्शा और ड्रॉइंग बोर्ड साल में गिनती के बिकते हैं
ग्लोब, दीवार का नक्शा और ड्रॉइंग बोर्ड जैसे पढ़ाई के बड़े सामान पूरे साल में गिनती के बिकते हैं और दुकान के पीछे खड़े रहते हैं। हर एक को उसकी गिनती के साथ चीज़ बनाकर रखिए। सूची दिखाती है कि कौन-से पिछले साल से हिले ही नहीं, और दुकान उस नक्शे का और ऑर्डर देना बंद कर देती है जिसे किसी ने माँगा नहीं।
पुरानी किताब की क़ीमत डिपो की सस्ती नई किताब के सामने तय होती है
विद्यार्थी पिछले साल की पाठ्यपुस्तक नई की क़ीमत से कम में वापस बेचता है। पर छत्तीसगढ़ में एक डिपो नई किताब छूट पर बेचता है, इसलिए आपकी पुरानी प्रति को बिकने के लिए उससे सस्ता होना पड़ेगा। पुरानी प्रति को अपनी एक चीज़ बनाइए, जिसमें विद्यार्थी को दिया दाम और आपका माँगा रेट दोनों हों, ताकि डिपो की नई किताब के बग़ल में हर पुरानी किताब सच में कितना कमाती है ये दिखे।
ग्रीटिंग कार्ड डिज़ाइन के हिसाब से गिने जाते हैं, और त्योहार बताता है कि कौन-से ग़लत थे
कार्ड त्योहार से पहले के दिनों में बिकते हैं और फिर लगभग नहीं बिकते। हर कार्ड डिज़ाइन को अपने स्टॉक वाली चीज़ रखिए। त्योहार के अगले दिन गिनती बताती है कि कौन-से डिज़ाइन अब भी डिब्बे में हैं, और अगले साल के ऑर्डर से वही बाहर रखिए। कैलेंडर अलग काम है: वो साल के आख़िर में और नए साल के पहले हफ़्तों में बिकता है।


उन्नीस भाषाओं में एक किताब और वो डिपो जो उसे सस्ते में बेचता है
एक ही क्लास, एक ही किताब, कई भाषाओं और एडिशनों में
असम की मुफ़्त पाठ्यपुस्तकें 19 भाषाओं में छपती हैं, जिनमें असमिया, बांग्ला, अंग्रेज़ी, बोडो, गारो, मणिपुरी, कारबी, हमार, नेपाली और मिसिंग शामिल हैं। किसी भी राज्य की किताब की दुकान इसका छोटा रूप झेलती है। छठी क्लास की विज्ञान की किताब राज्य की भाषा में आती है और अंग्रेज़ी में, और अक्सर पुराने एडिशन के बाद नए में। अभिभावक क्लास और विषय बताते हैं, और दुकान की अलमारी पर चार किताबें हैं जो मेल खाती हैं। नया एडिशन पुराने की क़ीमत रातों-रात घटा देता है, और पुराना स्टॉक अलमारी पर पड़ा रहता है।
सरकारी डिपो जो वही किताब छूट पर बेचता है
2021 में छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम ने ग्यारहवीं और बारहवीं की किताबें रायपुर समेत छह डिपो और सौ से ज़्यादा पंजीकृत विक्रेताओं के ज़रिए बेचीं, डिपो पर 15 प्रतिशत छूट के साथ। निजी दुकान वही किताब बेचती है और उसे पता होना चाहिए कि उसने कितने में ख़रीदी, अभिभावक को और कहाँ मिल सकती है, और सही दाम क्या है। ये गिनती हाथ में न हो, तो दुकानदार या तो बिक्री खो देता है या घाटे में बेच देता है। कुछ अभिभावक पाठ्यपुस्तक के लिए डिपो जाएँगे और बाक़ी सब के लिए दुकान, और दुकान को उस दूसरे हिस्से की बेहतर जगह बनना है। जिसने डिपो का रेट देख लिया, वो दुकान से भी वही उम्मीद रखता है।
सूची के पीछे लिखा कुल, और हफ़्ते के बाद कॉपी-कवर-पेन का ढेर
किताब की दुकान का साल का बड़ा हिस्सा स्कूल खुलने से पहले के हफ़्तों में कमाती है। अभिभावक स्कूल की सूची लेकर आता है, दुकानदार किताबें निकालता है, मन में जोड़ता है और सूची के पीछे कुल लिख देता है, और वो पीछे लिखा कुल ही दुकान का एकमात्र रिकॉर्ड रहता है। सूची अभिभावक के साथ घर चली जाती है। हफ़्ता बीतने पर कॉपियों, कवरों और पेनों के ढेर बचते हैं जो मुट्ठी भर-मुट्ठी भर बिके, गिनने के लिहाज़ से बहुत छोटे और अनदेखा करने के लिहाज़ से बहुत ज़्यादा, और आम किताबों के स्टॉक पर शक होने लगता है।
किताब वाले एडिशन, सेट और स्कूलों के बारे में ये पूछते हैं
छठी क्लास की विज्ञान की एक ही किताब दो भाषाओं में और दो एडिशनों में आती है। क्या मैं सब अपने पास रख सकता हूँ?
हाँ। हर भाषा और हर एडिशन अपनी अलग चीज़ है, उसका अपना रेट और अपना स्टॉक। बिल में वही किताब चढ़ती है जो अभिभावक ने चुनी।
एक पुरानी किताब महीनों से मेरी अलमारी पर पड़ी है। कैसे दिखे कि कौन-सी पुरानी किताबें धीमी हैं?
हर पुरानी किताब अपनी चीज़ है, इसलिए रिपोर्ट में दिखता है कि वो किन दिनों बिकी। जिस किताब की महीनों से कोई बिक्री नहीं, उसे विद्यार्थियों से वापस लेना बंद कर दीजिए।
पाठ्यपुस्तकों पर छपा दाम होता है, और मेरी कॉपियों और पेनों का रेट मैं तय करता हूँ। एक सूची में दोनों आ सकते हैं?
हाँ। हर चीज़ का अपना रेट है। बिल पाठ्यपुस्तक को उसके छपे दाम पर लेता है और कॉपी को आपके दाम पर, और दोनों का स्टॉक फ़ोन पर दिखता है।
डाक से और डिपो से पाठ्यपुस्तकें: एक द्वीप की माँग और अहमदाबाद की बिक्री खिड़की
मई 2020 में सांसद ने माँग की कि अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के स्वराज द्वीप और शहीद द्वीप जैसे ग्रामीण द्वीपों में पाठ्यपुस्तकें घर-घर पहुँचाई जाएँ, जहाँ कमज़ोर नेटवर्क और कम केबल कनेक्शन से घर से पढ़ाई सीमित थी।
गुजरात में जो बाज़ार में छपे दाम वाली पाठ्यपुस्तकें नहीं पा सकता, वह अहमदाबाद के निर्णय नगर में पाठ्यपुस्तक मंडल के बिक्री डिपो से 12.5 प्रतिशत छूट पर ख़रीद सकता है।